Hindi kahani
यह एक डरावनी कहानी है जो एक पुरानी हवेली के रहस्यों के इर्द-गिर्द घूमती है: पुरानी हवेली का रहस्य शहर की भीड़भाड़ से दूर, घने जंगलों के बीच एक विशाल और जर्जर पुरानी हवेली खड़ी थी। गाँव के लोग कहते थे कि उस हवेली की दीवारों में आज भी अतीत की चीखें दफन हैं। सालों से वहां कोई नहीं गया था, लेकिन तीन दोस्त—विपुल-विजय-खुशाली —ने वहां रात बिताने का फैसला किया। अजीब घटनाएं जैसे ही उन्होंने हवेली के भारी लकड़ी के दरवाजे को धकेला, एक ठंडी हवा का झोंका उनका स्वागत करने आया। धूल से भरी सीढ़ियां और मकड़ी के जालों से ढके झूमर गवाही दे रहे थे कि यहाँ वक्त रुक गया है। रात के 12 बजे: अचानक हवेली के बंद कमरों से पायल की आवाजें आने लगीं। दीवारों पर साये: मशाल की रोशनी में उन्हें दीवारों पर अजीब आकृतियाँ नाचती हुई दिखीं, जो उनके हिलने के साथ नहीं बदल रही थीं। खून के धब्बे:vijay को एक पुरानी तस्वीर मिली, जिसमें हवेली के मालिक की आँखों से ताज़ा खून निकल रहा था। [17] हवेली का काला सच हवेली की लाइब्रेरी में सिमरन को एक पुरानी डायरी मिली। उसमें लिखा था कि इस हवेली का मालिक अपनी व...